Hemoglobin | हीमोग्लोबिन अगर है कम, तो देर न करें, डॉक्टर की सलाह के साथ अपनी डाइट में शामिल करें ये चीज़ें

-सीमा कुमारी

एक स्वस्थ शरीर के लिए उसे कई पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता होती है। पहल तत्वों की कमी या शरीर में उन की मात्रा अधिक होने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इसी तरह शरीर में हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) की मात्रा सही होना जरूरी है, हीमोग्लोबिन आयरन प्रधानता होता है और ऑक्सीजन को रेड ब्लड सेल्स (RBC) में पहुंचाने का काम करता है।

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, हीमोग्लोबिन की कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए हीमोग्लोबिन की मात्रा को नियंत्रण में रखना चाहिए। पुरुषों में औसतन 13.5 से 17.5 ग्राम और महिलाओं में 12 से 15.5 ग्राम की हीमोग्लोबिन ज़रूरी होता है। खानपान में पोषक तत्वों की कमी का ही नतीजा है कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। आइए जानें यदि ऐसी स्थिति आ जाए तो अपनी डाइट में किन चीज़ों को शामिल कर हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाया जाए।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए

डाइट में शामिल करें फल

Medical News Today के अनुसार, आहार में फलों को प्राथमिकता देकर हम हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ा सकते हैं। शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने के लिए सेब और अनार काफी फायदेमंद होते हैं। केले और सेब में आयरन भरपूर मात्रा ने पाया जाता है। हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने के लिए विटामिन C भी बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसे में आप खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, अंगूर आदि का सेवन कर सकते हैं. ये विटामिन-C और आयरन के मुख्य स्रोत होते हैं।

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हरी सब्जियां खाएं

हीमोग्लोबिन लेवल के लिए डाइट में हरी सब्जियों का होना बेहद ज़रूरी है। पालक और अन्य हरी सब्जियां आयरन का प्रमुख श्रोत होती हैं, जो सेहत को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ हीमोग्लोबिन भी बढ़ाती है।अगर आपके शरीर में खून की कमी है, तो हरी पत्तेदार सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें।

खाएं सीड्स एंड नट्स

आपको अपने आहार में कद्दू के बीज, चिया और फ्लेक्स सीड्स, बादाम, काजू,पीनट को शामिल कर सकते हैं। सीड्स और नट्स में आयरन की भरपूर मात्रा होने के साथ ये शरीर में आयरन को एक जॉब करने में मदद करते हैं और हीमोग्लोबिन लेवल को नियंत्रित रखते हैं।

डार्क चॉकलेट भी खा सकते हैं

डार्क चॉकलेट में लगभग 80% कोको होता है, जो आयरन से भरा होता है। ये हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने के साथ-साथ कई तरह की परेशानियां जैसे थकान, अपच और डिप्रेशन आदि की समस्या को कम करने में भी मददगार साबित होता है।

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