कोरोना काल में गणेश चतुर्थी। इस बार लाइव आरती और वर्चुअल दर्शन

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कोरोना काल में गणेश चतुर्थी

आज यानी 22 अगस्त से देश में गणेशोत्सव  शुरू हो गया है. हर साल गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक पूरे देश में गणेशोत्सव की धूम रहती है, हालांकि यह महाराष्ट्र में चरम पर होती है. घरों में, जगह-जगह लगे पंडालों में गणपति को गाजे-बाजे के साथ लाकर डेढ़ दिन, ढाई दिन से लेकर 11 दिन तक के लिए स्थापित किया जाता है और फिर बड़ी धूमधाम से उनका विसर्जन होता है. लेकिन इस साल कोरोना काल के कारण यह धूम नहीं दिखेगी.
कोविड19 संक्रमण को देखते हुए विभिन्न राज्यों ने सार्वजनिक स्थानों पर बड़े-बड़े पंडालों को लगने की अनुमति नहीं दी है. लोगों को घर पर ही भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का निर्देश है. ऐसी जगहों पर जहां मंडलों को छोटे पैमाने पर अपनी लोकैलिटी में पंडाल लगाने की अनुमति है, वहां पुजारी के अलावा एक निश्चित संख्या में ही भक्त मौजूद रह सकते हैं. इस दौरान सैनिटेशन और हेल्थ सेफ्टी से जुड़े सभी प्रोटोकॉल्स का पालन किया जाएगा. इसे देखते हुए कई आयोजकों ने इस साल फेसबुक, गूगल व जूम वीडियो के जरिए भक्तों को भगवान गणेश के वर्चुअल दर्शन उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की हैं.

बदल गया उत्सव का रंग रूप
दिल्ली में रहने वाले मराठियों के संगठन, सार्वजनिक उत्सव समिति की चेयरमैन नीना हेजिब ने कहा कि इस बार भगवान गणेश को किसी एक सदस्य के घर विराजमान किया जाएगा और दर्शन के लिए किसी विजिटर को अनुमति नहीं होगी. आयोजन जूम के जरिए आरती में वर्चुअली सम्मिलित होने का इंतजाम करेंगे. NCR क्षेत्र में मराठी मित्र मंडल, अलकनंदा की सदस्य निवेदिता पांडे का कहना है कि कोविड के समय में किसी भी त्योहार का आयोजन बेहद मुश्किल है लेकिन त्योहार को मनाने की परंपरा तोड़ना बुरा माना जाता है. आगे कहा कि हमारी कमेटी के टेक सेवी युवाओं ने यह सुनिश्चित करने की तैयारी की है कि हम भगवान गणेश की फेसबुक लाइव आरती और वर्चुअल दर्शन का प्रबंध कर सकते हैं.

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